IMD ने उत्तर भारत और तटीय क्षेत्रों में जारी की लाल चेतावनी

बिना किसी पूर्व सूचना के आसमान से पानी की बौछारें शुरू हो गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को कई राज्यों के लिए 'लाल अलर्ट' जारी किया है, जिसका सीधा मतलब है कि भारी बारिश, चट्टान गिरने और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यह चेतावनी मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और ओडिशा सहित कई हिस्सों पर लागू है। अगर आप इन इलाकों में हैं, तो अगले कुछ घंटों में स्थिति तेजी से बदल सकती है।

केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पश्चिमी और दक्षिणी तटीय क्षेत्र भी इस मौसमी उथल-पुथल से बच नहीं पा रहे हैं। मुंबई में पिछले दो दिनों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे शहर में जल भराव की समस्या बढ़ गई है। वहीं, तamil Nadu में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ ही चिन्नी, मदुरै और कोयंबटूर जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर भारत में लाल अलर्ट: कौन से जिले हैं जोखिम में?

DD News की रिपोर्ट के अनुसार, IMD द्वारा जारी अपडेट में कहा गया है कि अगले तीन घंटों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पंजाब, उत्तरी हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और ओडिशा में मध्यम से तीव्र बारिश की संभावना है। यह बारिश फ्लैश फ्लड, सुनामी और जल भराव का कारण बन सकती है।

जम्मू-कश्मीर में पुंछ, मीरपुर, राजौरी, रियासी, जammu, रामबन, उधमपुर, सम्बा, कठुआ, दोडा और किश्तवाड़ जिलों पर लाल अलर्ट है। पंजाब में कपूरथला, जालंधर, नावानशाह, रुपनगर, मोगा, लुधियाना, बरनाला और संगरूर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हिमाचल प्रदेश में मंडी, ऊना, बिलासपुर, सरहड़ और सोलन जिले इस चेतावनी में शामिल हैं।

हरियाणा में यमुना नगर, अम्बाला, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और एसएएस नगर (साहिबज़ादा अजित सिंह नगर) में भी समान चेतावनियाँ सक्रिय हैं। ट्विस्ट यह है कि मंगलवार शाम 8:30 बजे से बुधवार सुबह 5:30 बजे तक के दौरान छत्तीसगढ़ में भारी बारिश देखी गई, जबकि हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

मुंबई और पश्चिमी तट: मानसून का प्रकोप

मुंबई के लिए IMD ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि मुंबई में अगले कुछ घंटों के लिए लाल अलर्ट है, जहाँ 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तीव्र बारिश की उम्मीद है। पुणे में घाट क्षेत्रों के लिए लाल अलर्ट बना हुआ है, जबकि शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है।

पश्चिमी तट पर महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल के लिए लाल अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने भविष्यवाणी की है कि तेज बारिश, गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाएं आम जीवन और यातायात में बाधा डाल सकती हैं। गुजरात में 30 तारीख तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु और दक्षिण भारत में मानसून की शुरुआत

चेन्नई मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तमिलनाडु में प्रवेश कर चुका है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना निम्न दाब क्षेत्र कम से कम अगले तीन दिनों तक बारिश को बनाए रखेगा।

चेन्नई मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को थेनी, धर्मपुरी, मदुरै, कोयंबटूर और नीलगिरी जिलों में भारी बारिश होगी। मंगलवार को करूर, तिरुचिरापल्ली और सिवगंगा जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। आइसोलेटेड स्थानों पर बिजली कड़कने और 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गर्जना की संभावना है।

समुद्री क्षेत्रों में, दक्षिण तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों, मन्नार की खाड़ी, कन्याकुमारी सागर क्षेत्र, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत और अन्य क्षेत्रों की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत और अन्य क्षेत्रों की स्थिति

IMD के एक आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, 24 मई को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ व्यापक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 25 मई को असम और मेघालय में आइसोलेटेड स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की बहुत संभावना है।

26 और 27 मई को अरुणाचल प्रदेश में आइसोलेटेड भारी बारिश की संभावना है। 28 से 31 मई तक असम और मेघालय में, तथा 25, 26, 30 और 31 मई को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आइसोलेटेड भारी बारिश की उम्मीद है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में, 25 से 29 मई तक केरल, माहे और लक्षद्वीप में गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ व्यापक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मध्य भारत में, 29 से 31 मई तक मध्य प्रदेश, 28 और 29 मई को विदर्भ, और 25 से 29 मई तक छत्तीसगढ़ में आइसोलेटेड हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

आपको क्या करना चाहिए? सुरक्षा सलाह

IMD की चेतावनी स्पष्ट है: भारी बारिश से सड़कों में स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जल भराव और शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होने की संभावना है। भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी आ सकती है, और जल भराव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात व्यवधान और यात्रा समय में वृद्धि हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग चट्टान गिरने और भूस्खलन के खतरे से सावधान रहें। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने घरों के आसपास जल निकासी व्यवस्था की जांच करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाल अलर्ट का क्या अर्थ है?

लाल अलर्ट सबसे गंभीर चेतावनी है, जो दर्शाता है कि भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन या अन्य मौसमी आपदाओं का उच्च जोखिम है। इसके दौरान लोगों को सतर्क रहना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाना चाहिए।

मुंबई में बारिश की स्थिति कैसी है?

मुंबई में पिछले दो दिनों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है, जिससे शहर में गंभीर जल भराव हुआ है। IMD ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, और अगले कुछ घंटों के लिए लाल अलर्ट सक्रिय है।

तमिलनाडु में मानसून की शुरुआत कब हुई?

चेन्नई मौसम विज्ञान केंद्र ने घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तमिलनाडु में प्रवेश कर चुका है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना निम्न दाब क्षेत्र कम से कम अगले तीन दिनों तक बारिश को बनाए रखेगा, जिससे थेनी, मदुरै और कोयंबटूर जैसे जिलों में भारी बारिश होगी।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश की अवधि क्या है?

IMD के अनुसार, 24 मई से 31 मई तक पूर्वोत्तर भारत में बारिश की लहर जारी रहेगी। 25 मई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 26 और 27 मई को अरुणाचल प्रदेश में आइसोलेटेड भारी बारिश की उम्मीद है।

यातायात पर इस बारिश का क्या प्रभाव पड़ेगा?

भारी बारिश के कारण सड़कों में स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जल भराव और शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होने की संभावना है। भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी आ सकती है, और जल भराव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात व्यवधान और यात्रा समय में वृद्धि हो सकती है।